पलकों के पीछे
पलकों के पीछे"
मुंबई की बारिश उस रात कुछ ज़्यादा ही बेपरवाह थी। इमारतों की खिड़कियाँ भीग चुकी थीं, और सड़कें आइने जैसी चमक रही थीं।
नीरा, 27 साल की स्मार्ट, आत्मनिर्भर लड़की, एक इवेंट कंपनी में सीनियर मैनेजर थी। दिनभर क्लाइंट्स के कॉल और ईमेल्स से परेशान होकर, वो अक्सर देर रात अकेली बालकनी में बैठती थी — वाइन का गिलास हाथ में लेकर, और कानों में धीमी अंग्रेज़ी जैज़।
लेकिन उस रात कुछ अलग था।
जब उसने बालकनी से नीचे झाँका, तो उसे सामने की बिल्डिंग की चौथी मंज़िल पर एक आदमी दिखा — बाथरोब में, पर उसकी आँखें सीधे नीरा की आँखों से टकराईं। एक सेकंड के लिए दोनों चौंके, फिर नीरा मुस्कराई... और परदे खींच लिए।
अगले तीन दिन तक वह अजनबी उसी वक्त, उसी जगह दिखता रहा। कभी किताब पढ़ते हुए, कभी कॉफी पीते हुए — और कभी सिर्फ नीरा की खिड़की की तरफ देखते हुए।
फिर एक दिन नीरा के दरवाज़े पर एक गुलाब आया — बिना नाम के। और साथ में एक चिट्ठी:
"मैं तुम्हें देखता नहीं, महसूस करता हूँ। तुम भी चाहो तो एक बार नज़र भर लो। – चौथी मंज़िल"
नीरा को झटका लगा — डर और रोमांच दोनों। उसने पहली बार उस अजनबी को गहराई से देखने की कोशिश की। एक ग्रेसफुल पर मिस्टेरियस चार्म था उसमें। जैसे कोई कहानी अधूरी छूट गई हो।
अगली रात नीरा ने बालकनी में वाइन की दो ग्लास रखी। और पहली बार परदे खुले छोड़ दिए।
कुछ ही मिनटों में अजनबी दिखा — उसके पास भी दो ग्लास थे।
एक अजीब रिश्ता बन चुका था। शब्दों के बिना, दीवारों के पार। लेकिन नाम तक नहीं जानते थे एक-दूसरे के।
अगली रात जब नीरा ने उसके घर की तरफ देखा — वो खिड़की खाली थी।
एक दिन… दो दिन… तीन दिन।
नीरा बेचैन हो गई।
उसने गूगल पर बिल्डिंग का पता ढूंढा। चौथी मंज़िल, फ्लैट नंबर 402।
वह हिम्मत कर के वहाँ गई।
दरवाज़ा खुला — लेकिन वहाँ कोई नहीं था।
कमरे में एक फ्रेम रखा था — एक तस्वीर, जिसमें नीरा खड़ी थी… बालकनी में… वाइन के गिलास के साथ।
नीचे लिखा था —
"जो पल हम जीते हैं, वो असली होते हैं। नाम, पहचान तो सिर्फ दस्तावेज़ होते हैं। – R"
नीरा कांप उठी।
उस अजनबी का कोई अता-पता नहीं। ना सोसाइटी में उसका नाम, ना कोई किराएदार रजिस्ट्रेशन।
वो कौन था?
एक रूह?
या कोई जो अपने आखिरी दिनों में किसी को महसूस करना चाहता था?
आज भी जब बारिश होती है, नीरा बालकनी में वाइन रखती है — दो ग्लास।
शायद किसी दिन… वो लौट आए।
.jpg)
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें